पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 17 जुलाई 2026 की सुबह हुए स्कूल-वैन ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसा कर्णसुबर्णा रेलवे स्टेशन के पास खुले लेवल क्रॉसिंग पर हुआ, जहां निमतीता-कटवा पैसेंजर ट्रेन ने बच्चों को स्कूल ले जा रही टाटा सूमो वैन और एक साइकिल को टक्कर मार दी। राज्य पुलिस ने रेलवे गेटमैन को गिरफ्तार किया है, जबकि रेलवे ने कथित ड्यूटी लापरवाही के आरोप में कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच शुरू की है।
यह वही घटना है जिसमें शुरुआती घंटों में मौतों की संख्या तीन और फिर चार बताई गई थी। TNX की पहले की रिपोर्ट के बाद शाम तक सामने आए अपडेट में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और अधिकारियों के हवाले से मृतक संख्या पांच बताई गई। मृतकों में स्कूली बच्चे और एक साइकिल सवार शामिल बताए गए हैं, हालांकि बच्चों की सटीक संख्या और मृतकों के नामों की आधिकारिक सूची अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।
हादसा कैसे हुआ
रेलवे के बयान का हवाला देती रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 6:41 बजे Gate No. 24A/2 पर कटवा-अजीमगंज सेक्शन में हुई। Train No. 53054 निमतीता-कटवा पैसेंजर डाउन लाइन पर आ रही थी। उससे पहले Train No. 13431 अप दिशा में गुजर चुकी थी। आरोप है कि अप लाइन की ट्रेन गुजरने के बाद गेट खोल दिया गया और स्कूल वैन क्रॉसिंग में प्रवेश कर गई, तभी डाउन लाइन की पैसेंजर ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक घटना पूर्वी रेलवे के हावड़ा डिवीजन के अजीमगंज-कटवा सेक्शन में कर्णसुबर्णा स्टेशन के पास सुबह करीब सात बजे हुई। दुर्घटना में साइकिल सवार भी ट्रेन की चपेट में आया। वैन में रॉयल एकेडमी स्कूल के बच्चे सवार बताए गए हैं।
गेटमैन गिरफ्तार, रेलवे अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि गेटमैन को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। पीटीआई के अनुसार रेलवे के एक परमानेंट वे इंस्पेक्टर को भी कथित ड्यूटी लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रेलवे की 10-सदस्यीय जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा किया है। जांच का मुख्य सवाल यही है कि जब ट्रेन आ रही थी, तब लेवल क्रॉसिंग खुला क्यों था और उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की भूमिका क्या थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में गेटमैन की जिम्मेदारी सामने आई है और पुलिस को यह जांचने को कहा गया है कि क्या वह नशे की हालत में था। यह अभी जांच का विषय है; इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
घायलों का इलाज और मुआवजा
घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर बहरामपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्टों के अनुसार कई बच्चे और वैन चालक घायल हुए हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई थी। जिला प्रशासन, पुलिस, रेलवे, RPF और GRP की टीमें घटनास्थल और अस्पताल में मौजूद रहीं।
रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 2.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता घोषित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
क्यों अहम है यह अपडेट
यह हादसा सिर्फ दुर्घटना का मामला नहीं रहा, बल्कि लेवल क्रॉसिंग सुरक्षा और जवाबदेही का गंभीर सवाल बन गया है। सुबह तक उपलब्ध जानकारी में मृतक संख्या कम थी; शाम तक यह बढ़कर पांच बताई गई और गेटमैन की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई। अब रेलवे और पुलिस की जांच से यह तय होगा कि गेट खुला रहने के पीछे मानवीय चूक थी, प्रक्रिया का उल्लंघन था या निगरानी तंत्र की विफलता।
घटनास्थल पर नाराज ग्रामीणों ने विरोध भी किया। ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं, लेकिन क्षतिग्रस्त वाहन हटाए जाने के बाद अजीमगंज-कटवा सेक्शन पर परिचालन बहाल कर दिया गया। आगे मृतकों की आधिकारिक पहचान, घायलों की चिकित्सा स्थिति और रेलवे जांच रिपोर्ट इस मामले के अगले अहम बिंदु होंगे।



