शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
राजनीति

कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा, भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद भाजपा में जाने की अटकलें

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रुक्मिणी उर्फ कोयल मल्लिक ने 16 जुलाई 2026 को इस्तीफा सौंपा। इसके तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उनकी मुलाकात ने भाजपा में जाने की अटकलें तेज कर दीं।

कोयल मल्लिक के राज्यसभा इस्तीफे और राजनीतिक मुलाकात पर आधारित प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य
कोयल मल्लिक के राज्यसभा इस्तीफे और भूपेंद्र यादव से मुलाकात पर आधारित प्रतिनिधि संपादकीय चित्र।

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य और बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री रुक्मिणी मल्लिक, जिन्हें कोयल मल्लिक के नाम से जाना जाता है, ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। इसके कुछ ही समय बाद दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से उनकी मुलाकात ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं।

अब तक कोयल मल्लिक या भाजपा, किसी भी ओर से उनके पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल पुष्ट तथ्य सिर्फ इतना है कि उन्होंने राज्यसभा सदस्यता छोड़ी है और भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है; भाजपा में जाने की बात अभी राजनीतिक अटकलों तक सीमित है।

क्या पुष्टि हुई है

आकाशवाणी समाचार ने 16 जुलाई 2026 को शाम 4:14 बजे प्रकाशित रिपोर्ट में बताया कि तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य कोयल मल्लिक ने उच्च सदन से इस्तीफा दिया और उपराष्ट्रपति व राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपा। रिपोर्ट के अनुसार, वह अप्रैल 2026 में राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं और हाल में इस्तीफा देने वाली तृणमूल की चौथी राज्यसभा सदस्य हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, कोयल मल्लिक ने 6 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी, लेकिन सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात लिखी। एनडीटीवी ने भी उनके इस्तीफा पत्र की वह पंक्ति प्रकाशित की, जिसमें राज्यसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया गया था।

भूपेंद्र यादव से मुलाकात क्यों अहम है

इस्तीफे के तुरंत बाद भूपेंद्र यादव से कोयल मल्लिक की मुलाकात इसलिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और पश्चिम बंगाल की राजनीति में पार्टी की रणनीति से जुड़े रहे हैं। द वीक की रिपोर्ट में उन्हें पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा का केंद्रीय पर्यवेक्षक बताया गया है और कहा गया है कि यह मुलाकात दिल्ली के मोतीलाल नेहरू रोड स्थित यादव के आवास पर हुई।

तृणमूल कांग्रेस पहले से ही कई स्तरों पर दबाव का सामना कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कोयल मल्लिक से पहले तृणमूल के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी इस्तीफा दे चुके हैं और बाद में भाजपा से जुड़ गए थे। इंडियन एक्सप्रेस और एनडीटीवी की रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा ने इन तीनों को खाली हुई सीटों के लिए उम्मीदवार भी बनाया।

तृणमूल की संख्या और राजनीतिक असर

द वीक और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की संख्या घटकर नौ रह गई है। यह सिर्फ संसदीय अंकगणित का मामला नहीं है; पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक हलचल के बीच यह संकेत भी देती है कि पार्टी के भीतर असंतोष या पुनर्संरेखण का दौर जारी है।

मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने 16 जुलाई 2026 को फेसबुक लाइव के जरिए इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। हिंदुस्तान टाइम्स ने पीटीआई के हवाले से बताया कि बनर्जी ने असंतुष्ट नेताओं से कहा कि वे 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली से पहले पार्टी छोड़ दें। उसी रिपोर्ट के अनुसार, बनर्जी ने यह भी बताया कि कोयल मल्लिक ने इस्तीफा सौंपने से पहले पार्टी नेतृत्व को ईमेल के जरिए अपने निर्णय की जानकारी दी थी।

आगे क्या होगा

कोयल मल्लिक के इस्तीफे से राज्यसभा की एक और सीट खाली होगी। आगे की प्रक्रिया में राज्यसभा सचिवालय इस्तीफे की स्वीकृति और रिक्ति से जुड़े औपचारिक कदम उठाएगा, जिसके बाद चुनाव आयोग उपचुनाव की प्रक्रिया तय कर सकता है।

राजनीतिक रूप से सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोयल मल्लिक भाजपा में शामिल होंगी। फिलहाल उनके इस्तीफे और भूपेंद्र यादव से मुलाकात की स्वतंत्र रिपोर्टों से पुष्टि होती है, लेकिन पार्टी बदलने की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इसी वजह से इस घटनाक्रम को तृणमूल के लिए झटका और भाजपा के लिए संभावित अवसर, दोनों रूपों में देखा जा रहा है।

यह ख़बर साझा करें: