मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार का सत्र लगभग वहीं खत्म किया जहां से चला था, लेकिन सपाट सूचकांकों के पीछे वैश्विक चिंता साफ दिखाई दी। Sensex केवल एक अंक बढ़कर 77,187 पर बंद हुआ, जबकि Nifty छह अंक फिसलकर 24,073 पर आ गया। इसी दौरान रुपया नौ पैसे कमजोर होकर 96.35 प्रति डॉलर पर बंद हुआ और पश्चिम एशिया के तनाव से Brent कच्चा तेल 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहा।
बड़े सूचकांक स्थिर दिखे, पर व्यापक बाजार में कमजोरी थी। NSE Midcap 100 करीब 0.4 प्रतिशत और Smallcap 100 लगभग 0.1 प्रतिशत नीचे रहा। इसका अर्थ है कि चुनिंदा बड़ी कंपनियों ने सूचकांक संभाला, जबकि छोटे और मध्यम शेयरों में जोखिम लेने की इच्छा कमजोर रही।
रुपये पर दोहरा दबाव
डॉलर सूचकांक 100.56 के आसपास था, जिससे अमेरिकी मुद्रा को वैश्विक सहारा मिला। दूसरी तरफ भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक के लिए महंगा कच्चा तेल डॉलर की मांग बढ़ाता है। तेल कंपनियों को आयात भुगतान के लिए अधिक विदेशी मुद्रा चाहिए और यही रुपये पर दबाव डाल सकता है। कमजोर रुपया आगे चलकर ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे आयातित सामान की लागत बढ़ाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent करीब 85.16 डॉलर प्रति बैरल और WTI भी बढ़त में था। अमेरिका–ईरान टकराव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता ने जोखिम प्रीमियम बढ़ाया है। दुनिया के तेल व्यापार का अहम हिस्सा इस समुद्री रास्ते से गुजरता है, इसलिए थोड़ी सी बाधा भी कीमतों में तेज प्रतिक्रिया ला सकती है।
निवेशकों को किस पर नजर रखनी चाहिए?
एक दिन का सपाट बंद बाजार की शांति का प्रमाण नहीं है। विदेशी निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की दिशा और रुपये में रिजर्व बैंक की संभावित सक्रियता अगले सत्रों का रुख तय करेंगे। ऊर्जा, विमानन, पेंट और रसायन कंपनियों की लागत तेल से सीधे प्रभावित होती है, जबकि निर्यातक कंपनियों को कमजोर रुपये से कुछ सहारा मिल सकता है।
सोना और चांदी भी भारतीय बाजार में नीचे रहे—24 कैरेट सोना करीब 1,41,870 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 2,19,030 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। इतनी ऊंची नाममात्र कीमतों पर छोटी प्रतिशत चाल भी रुपये में बड़ा अंतर बनाती है। खुदरा निवेशकों के लिए इस अस्थिरता में सुर्खियों के पीछे भागने के बजाय परिसंपत्ति आवंटन और जोखिम सीमा पर टिके रहना अधिक समझदारी होगी।
तथ्य-स्रोत: 16 जुलाई 2026 के बाजार आंकड़ों पर आधारित आकाशवाणी समाचार। यह निवेश सलाह नहीं है। चित्र AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य है।



