पुरी: ओडिशा की तीर्थनगरी पुरी में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों पर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए निकले। मंदिर के भीतर दर्शन से अलग यह वह अवसर है जब तीनों देवता नगर की सड़क पर भक्तों के बीच आते हैं।
करीब तीन किलोमीटर की यात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर पर पूरी होती है, जिसे परंपरा में भगवान की मौसी का घर माना जाता है। तीनों देवता वहां नौ दिन प्रवास करेंगे। इसके बाद उन्हीं रथों पर बहुदा यात्रा के जरिए श्रीमंदिर लौटेंगे। विशाल लकड़ी के रथ हर वर्ष निर्धारित परंपरा के अनुसार नए सिरे से बनाए जाते हैं, इसलिए यह उत्सव शिल्प, सामूहिक श्रम और धार्मिक विश्वास—तीनों का संगम है।
रथ खींचने का अर्थ
रथ यात्रा की सबसे पहचानने योग्य तस्वीर हजारों हाथों से खींची जाती मोटी रस्सियों की है। श्रद्धालु इसे सेवा और समानता का अवसर मानते हैं। मंदिर की सीमाओं से बाहर देवताओं का आना उस विचार को मजबूत करता है कि दर्शन किसी एक सामाजिक दायरे तक सीमित नहीं। इसी वजह से यह उत्सव ओडिशा से बाहर भी अहम सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
इतनी बड़ी भीड़ का प्रबंधन प्रशासन के लिए कठिन परीक्षा है। मंदिर प्रशासन और राज्य एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण और भीड़ के प्रवाह की व्यवस्था की है। गर्मी, उमस या अचानक बारिश में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है; इसलिए निर्धारित मार्ग, बैरिकेड और सार्वजनिक घोषणाओं का पालन जरूरी है।
नौ दिन का उत्सव, एक दिन की खबर नहीं
रथ यात्रा केवल रथों के गुंडिचा पहुंचने तक सीमित नहीं है। नौ दिन के प्रवास के दौरान कई अनुष्ठान होते हैं और बहुदा यात्रा के समय फिर विशाल जनसमूह जुटता है। स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी इसका बड़ा असर है—कारीगर, छोटे व्यापारी, होटल, परिवहन और प्रसाद से जुड़े हजारों परिवार इस अवधि में सक्रिय रहते हैं।
पुरी की रथ यात्रा का पैमाना आकर्षक है, पर इसकी आत्मा रथ की गति से अधिक सामुदायिक भागीदारी में है। लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच अनुशासन और एक-दूसरे का ध्यान रखना ही उत्सव को सुरक्षित और गरिमापूर्ण बनाएगा।
तथ्य-स्रोत: श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन संबंधी जानकारी पर आधारित आकाशवाणी समाचार, 16 जुलाई 2026। मुख्य चित्र वास्तविक घटना की तस्वीर नहीं, AI-निर्मित सांकेतिक दृश्य है।



