गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
टेक्नोलॉजी

IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च: कम CAPTCHA, सभी क्लास की सीटें एक साथ और तेज बुकिंग

रेल मंत्रालय ने IRCTC की सरल बीटा वेबसाइट शुरू की है। इसमें कम रुकावट, सभी क्लास की उपलब्धता और छोटा चेकआउट फ्लो मिलेगा।

रेलवे स्टेशन पर लैपटॉप से आधुनिक ट्रेन टिकट बुकिंग इंटरफेस इस्तेमाल करता यात्री
नई सरल रेल टिकट बुकिंग वेबसाइट का सांकेतिक संपादकीय चित्र।

नई दिल्ली: ट्रेन टिकट बुक करते समय बार-बार CAPTCHA, चमकते पॉप-अप और कई स्क्रीन पार करने से परेशान यात्रियों के लिए IRCTC ने नया प्रयोग शुरू किया है। रेल मंत्रालय ने टिकट बुकिंग वेबसाइट का बीटा संस्करण लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को साफ, तेज और कम उलझाऊ बनाना है। मौजूदा वेबसाइट के होमपेज से इसका लिंक उपलब्ध है और उपयोगकर्ताओं से सीधे प्रतिक्रिया मांगी जा रही है।

नए संस्करण में चार बदलाव सबसे अहम हैं। अनावश्यक CAPTCHA, पॉप-अप और फ्लैशिंग ग्राफिक्स हटाए गए हैं; यात्री एक ही जगह अलग-अलग श्रेणियों की सीट उपलब्धता देख सकेंगे; चेकआउट में लगने वाले कदम घटाए गए हैं; और बार-बार बुकिंग करने वालों के यात्री विवरण सुरक्षित रखे जा सकेंगे।

14.5 लाख रोजाना बुकिंग वाले सिस्टम की परीक्षा

IRCTC की टिकटिंग सेवा हर दिन औसतन करीब 14.5 लाख बुकिंग संभालती है। इतना बड़ा ट्रैफिक होने के कारण केवल अच्छा दिखने वाला डिजाइन पर्याप्त नहीं होगा। असली परीक्षा तत्काल बुकिंग के पीक मिनटों, भुगतान गेटवे पर दबाव और कमजोर मोबाइल नेटवर्क में पेज के व्यवहार की होगी। बीटा चरण का फायदा यह है कि पूरे सिस्टम को बदलने से पहले वास्तविक यात्रियों के बीच खामियां पकड़ी जा सकती हैं।

सभी क्लास की उपलब्धता एक साथ दिखना छोटा लेकिन उपयोगी बदलाव है। अभी कई यात्री स्लीपर, 3AC और 2AC के लिए अलग-अलग खोज करते हैं। एक संयुक्त दृश्य से वे जल्दी तय कर सकेंगे कि किस श्रेणी में सीट उपलब्ध है और किराये के मुकाबले कौन-सा विकल्प बेहतर है। कम स्क्रीन वाला चेकआउट भुगतान के समय सत्र समाप्त होने की समस्या भी घटा सकता है।

सुविधा के साथ गोपनीयता जरूरी

यात्री विवरण सेव करने का विकल्प तेज बुकिंग में मदद करेगा, लेकिन यह संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा भी है। नाम, उम्र, यात्रा प्राथमिकता और पहचान से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट सहमति, आसान डिलीट विकल्प और मजबूत अकाउंट सुरक्षा जरूरी होगी। सार्वजनिक या साझा कंप्यूटर पर यह सुविधा सावधानी से इस्तेमाल करनी चाहिए।

बीटा वेबसाइट को मौजूदा सेवा का अंतिम प्रतिस्थापन नहीं माना जाना चाहिए। यह सार्वजनिक परीक्षण है। यात्री दोनों अनुभवों की तुलना कर सकते हैं और गड़बड़ी की रिपोर्ट दे सकते हैं। यदि फीडबैक तेजी से शामिल हुआ तो IRCTC का यह बदलाव केवल नया रंग-रूप नहीं, भारत की सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली सरकारी डिजिटल सेवाओं में वास्तविक सुधार बन सकता है।

तथ्य-स्रोत: रेल मंत्रालय पर आधारित आकाशवाणी समाचार, 16 जुलाई 2026। चित्र AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य है।

यह ख़बर साझा करें: