नई दिल्ली: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम एक साथ दो विपरीत तस्वीरें दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्व और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान जताया है। ओडिशा में 16 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका बताई गई, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रह सकती है।
अरुणाचल प्रदेश, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शुक्रवार से छिटपुट बारिश बढ़ सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अगले तीन से चार दिन तथा राजस्थान में 22 जुलाई तक बारिश के दौर आने का अनुमान है, हालांकि हर जगह एक समान तीव्रता नहीं रहेगी।
कहां रहेगी गर्मी और उमस?
तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 जुलाई तक लू जैसी स्थिति रह सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 जुलाई तक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान कर सकता है। इसका मतलब है कि उत्तर भारत में बारिश होने के बावजूद तापमान और नमी का संयुक्त असर शरीर पर अधिक महसूस हो सकता है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को 21 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में न जाने की सलाह दी है। दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उससे सटे कुछ समुद्री हिस्सों में भी अगले दो दिनों के लिए सावधानी जरूरी बताई गई है। तेज हवा और ऊंची लहरें छोटे जहाजों तथा मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए जोखिम बढ़ाती हैं।
सिर्फ ‘बारिश होगी’ से आगे की तैयारी
भारी बारिश वाले जिलों में निचले इलाकों का जलभराव, कच्ची सड़कों का कटाव और छोटी नदियों का तेजी से बढ़ना मुख्य खतरे हैं। शहरों में कम समय की तेज बारिश भी यातायात रोक सकती है। लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनी, स्कूल या सड़क बंद होने की सूचना और बांधों से पानी छोड़े जाने के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
किसानों के लिए यह बारिश धान और खरीफ फसलों को सहारा दे सकती है, लेकिन लगातार भीगी मिट्टी में जलनिकासी नहीं हुई तो पौधों की जड़ें और सब्जी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए जिला-स्तर के पूर्वानुमान को देखना राष्ट्रीय मानचित्र से अधिक उपयोगी होगा। अगले सात दिनों की कहानी एक समान मानसून की नहीं, छोटे इलाकों में तेज और असमान बारिश की रहेगी।
तथ्य-स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग पर आधारित आकाशवाणी समाचार, 16 जुलाई 2026। चित्र AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य है।



