गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
खेल

Cardiff ODI में 233 पर सिमटा भारत: कोहली–अय्यर की फिफ्टी के बाद 32 रन में गिरे छह विकेट

दूसरे ODI में भारत 44 ओवर में 233 पर ऑलआउट हुआ। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बाद मध्यक्रम ने 32 रन में छह विकेट गंवाए।

कार्डिफ जैसे स्टेडियम में आउट होने के बाद पवेलियन लौटता भारतीय बल्लेबाज और जश्न मनाते इंग्लैंड के खिलाड़ी
भारत–इंग्लैंड दूसरे ODI में भारतीय पारी के दबाव का AI-निर्मित सांकेतिक दृश्य।

कार्डिफ: विराट कोहली और श्रेयस अय्यर की अर्धशतकीय साझेदारी से संभली भारतीय पारी दूसरे ODI में अचानक बिखर गई। Sophia Gardens में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत 44 ओवर में 233 रन पर ऑलआउट हुआ और इंग्लैंड को 234 रन का लक्ष्य मिला। एक समय बड़े स्कोर की ओर बढ़ती टीम ने मध्य चरण में केवल 32 रन के भीतर छह विकेट गंवा दिए।

श्रेयस अय्यर ने 66 और विराट कोहली ने 65 रन बनाए। दोनों ने शुरुआती झटकों के बाद पारी को स्थिर किया, लेकिन सेट बल्लेबाजों के आउट होते ही रन गति और विकेट—दोनों पर नियंत्रण इंग्लैंड के पास चला गया। रोहित शर्मा 26 और कप्तान शुभमन गिल 31 रन बनाकर अच्छी शुरुआत को लंबी पारी में नहीं बदल सके।

30वें ओवर के बाद कैसे बदला मैच?

भारत की समस्या केवल विकेट गिरना नहीं, उनका गुच्छे में गिरना था। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने गति में बदलाव और कठोर लंबाई से नए बल्लेबाजों को खुलने नहीं दिया। जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन ने तीन-तीन विकेट लिए। एटकिंसन ने अंतिम चरण में दो विकेट जल्दी लेकर भारत को पूरे 50 ओवर खेलने से रोका।

KL राहुल बीमारी के कारण नहीं खेले और उनकी जगह ईशान किशन को मौका मिला। इस बदलाव से मध्यक्रम की भूमिका बदली, लेकिन भारत को अंत में वह स्थिरता नहीं मिली जो एक सेट फिनिशर दे सकता था। जसप्रीत बुमराह ने 20 रन की तेज पारी खेलकर स्कोर 233 तक पहुंचाया; उनके आखिरी प्रहार न होते तो लक्ष्य और छोटा रह सकता था।

233—कम या मुकाबले लायक?

Cardiff की परिस्थितियों में बादल और नई गेंद तेज गेंदबाजों को मदद दे सकते हैं, इसलिए 233 पूरी तरह बेकार स्कोर नहीं है। लेकिन सीमित ओवर क्रिकेट में इसे बचाने के लिए भारत को पावरप्ले में विकेट चाहिए। इंग्लैंड को यदि बिना बड़े नुकसान के शुरुआती 10 ओवर मिल गए तो आवश्यक रन गति उसके नियंत्रण में रहेगी।

तीन मैचों की श्रृंखला में भारत पहला ODI छह विकेट से जीतकर 1-0 से आगे है। इसलिए यह मुकाबला इंग्लैंड के लिए बराबरी और भारत के लिए श्रृंखला सील करने का मौका है। परिणाम चाहे जो हो, भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सबक स्पष्ट है: दो सेट बल्लेबाजों के बाद भी 50 ओवर पूरे न कर पाना मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ महंगा पड़ता है। अंतिम मैच से पहले मध्यक्रम की भूमिकाओं और निचले क्रम की बल्लेबाजी पर गंभीर काम जरूरी होगा।

यह रिपोर्ट भारतीय पारी समाप्त होने तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और मैच के अंतिम परिणाम के बाद अपडेट की जाएगी। तथ्य-स्रोत: लाइव स्कोरकार्ड/NDTV Sports, 16 जुलाई 2026। चित्र AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य है।

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