गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
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Chennai Grand Masters शुरू: भारत में अब तक का सबसे मजबूत क्लासिकल मैदान, पहले दौर में गुकेश–निहाल

Chennai Grand Masters 2026 में गुकेश, अर्जुन, निहाल, प्रनेश, अब्दुसत्तोरोव, नीमन, फिरूजा और आंद्रेइकिन का आठ खिलाड़ी मैदान उतरा है।

चेन्नई के आधुनिक टूर्नामेंट हॉल में शतरंज की बिसात पर विचार करते दो युवा ग्रैंडमास्टर
Chennai Grand Masters की प्रतिस्पर्धा का AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य।

चेन्नई: भारत में क्लासिकल शतरंज का अब तक का सबसे मजबूत आमंत्रण टूर्नामेंट गुरुवार से चेन्नई में शुरू हुआ। Chennai Grand Masters के आठ खिलाड़ी मैदान में विश्व चैंपियन डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, निहाल सरीन और प्रनेश भारतीय चुनौती संभाल रहे हैं। उनके सामने नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव, हंस नीमन, अलीरेजा फिरूजा और दिमित्री आंद्रेइकिन की अंतरराष्ट्रीय चौकड़ी है।

पहले दौर में गुकेश का सामना निहाल सरीन से, अर्जुन का आंद्रेइकिन से, प्रनेश का फिरूजा से और अब्दुसत्तोरोव का नीमन से तय हुआ। छोटा आठ खिलाड़ी मैदान हर दौर को महत्वपूर्ण बनाता है—एक हार के बाद वापसी के अवसर बड़े स्विस टूर्नामेंट जितने नहीं होंगे।

सबकी नजर गुकेश–अब्दुसत्तोरोव पर क्यों?

दोनों की प्रतिद्वंद्विता 2022 चेन्नई शतरंज ओलंपियाड से गहरी हुई, जहां शीर्ष बोर्ड पर अब्दुसत्तोरोव की जीत ने उज्बेकिस्तान को भारत के खिलाफ निर्णायक बढ़त दिलाई थी। उसके बाद गुकेश विश्व चैंपियन बने और भारत ने ओलंपियाड स्वर्ण जीता। फिर भी आमने-सामने की कुछ यादगार बाजियां अब्दुसत्तोरोव के पक्ष में गई हैं, जिनमें इस साल Tata Steel में गुकेश की चूक के बाद मिली जीत शामिल है।

दोनों रविवार के चौथे दौर में भिड़ेंगे। यह मुकाबला केवल पुरानी हार का हिसाब नहीं होगा। अब्दुसत्तोरोव तेज तैयारी और व्यावहारिक दबाव के लिए जाने जाते हैं, जबकि गुकेश लंबे, जटिल क्लासिकल मुकाबलों में गहराई से गणना करने की क्षमता रखते हैं। छोटे टूर्नामेंट में यह बाजी अंक तालिका की दिशा बदल सकती है।

भारतीय शतरंज की नई स्थिति

कुछ वर्ष पहले भारत में विश्व स्तरीय क्लासिकल टूर्नामेंट अपवाद थे। अब भारतीय खिलाड़ियों की रेटिंग और लोकप्रियता इतनी बढ़ी है कि मजबूत विदेशी खिलाड़ी यहां नियमित प्रतिस्पर्धा को महत्व देते हैं। गुकेश और अर्जुन खिताब के दावेदार हैं, पर निहाल और प्रनेश के लिए यह बिना किसी आसान दौर के अपनी तैयारी परखने का अवसर है।

फिरूजा की आक्रामक शैली, नीमन का जोखिम लेने वाला खेल और आंद्रेइकिन का अनुभव मैदान को एक ही तरह की शतरंज तक सीमित नहीं रहने देगा। इस टूर्नामेंट का आकर्षण नामों से आगे है: अलग-अलग शैलियों के बीच लगातार क्लासिकल संघर्ष। चेन्नई ने जिस युवा भारतीय लहर को ओलंपियाड में दुनिया के सामने देखा था, अब वही शहर उसे विश्व चैंपियन के नेतृत्व में अपने सबसे कठिन घरेलू परीक्षण में देख रहा है।

तथ्य-स्रोत: Indian Express Sports, 15–16 जुलाई 2026। चित्र AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य है, किसी वास्तविक बाजी की तस्वीर नहीं।

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