टोक्यो: पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 में ऐसी जीत दर्ज की जिसकी उन्हें और भारतीय बैडमिंटन को लंबे समय से तलाश थी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता ने विश्व नंबर-5 चीन की हान यूए को केवल 35 मिनट में 21-16, 21-14 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। रैंकिंग के अंतर के बावजूद मुकाबले में नियंत्रण शुरू से अंत तक सिंधु के हाथ में रहा।
इस जीत के बाद हान यूए के खिलाफ सिंधु का करियर रिकॉर्ड 8-1 हो गया है। यह आंकड़ा बताता है कि चीनी खिलाड़ी की रैली संरचना और गति सिंधु के खेल को अक्सर अनुकूल बैठती है। लेकिन मौजूदा फॉर्म और फिटनेस के सवालों के बीच सीधे गेम में मिली यह जीत पिछले रिकॉर्ड से अधिक वर्तमान विश्वास का संकेत है।
सिंधु ने मुकाबला कहां जीता?
सिंधु की सबसे बड़ी बढ़त शटल को जल्दी लेने और हान को पीछे धकेलने में रही। ऊंचे संपर्क बिंदु से लगाए गए स्मैश के साथ उन्होंने नेट पर भी अनिश्चितता नहीं दिखाई। लंबी रैली में केवल बचाव करने के बजाय सही समय पर सीधा आक्रमण किया, जिससे हान को अपनी पसंद की गति बनाने का समय नहीं मिला।
पहला गेम 21-16 से जीतने के बाद अक्सर दबाव अगले गेम में लौटता है, लेकिन सिंधु ने स्कोरबोर्ड पर शुरुआती पकड़ बनाए रखी। 21-14 का अंतर बताता है कि उन्होंने मैच बंद करने में हिचक नहीं दिखाई। हाल के वर्षों में करीबी मुकाबलों के अंतिम हिस्से सिंधु के लिए चुनौती रहे हैं; इस बार उन्होंने मैच को उस स्थिति तक पहुंचने ही नहीं दिया।
अब अकेली भारतीय उम्मीद
मिश्रित युगल में तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला शीर्ष वरीय चीन की फेंग यान झे–हुआंग डोंग पिंग जोड़ी से 20-22, 17-21 से हार गए। 47 मिनट के संघर्ष के बाद उनके बाहर होने से सिंधु टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र बची चुनौती हैं। यह स्थिति उनके अगले मुकाबले पर अतिरिक्त ध्यान और दबाव दोनों लाएगी।
क्वार्टरफाइनल में सिंधु की असली परीक्षा रिकवरी की होगी। 35 मिनट का छोटा मैच ऊर्जा बचाता है, पर लगातार दिनों में तेज विरोधियों के खिलाफ पैरों की गति बनाए रखना जरूरी है। एक बड़ी जीत टूर्नामेंट नहीं बनाती, लेकिन यह बताती है कि सिंधु का आक्रामक ढांचा फिर काम कर रहा है। यदि सर्विस-रिटर्न और नेट नियंत्रण इसी स्तर पर रहा तो जापान ओपन उनके सीजन का मोड़ बन सकता है।
तथ्य-स्रोत: जापान ओपन परिणामों पर आधारित आकाशवाणी समाचार, 16 जुलाई 2026। चित्र AI-निर्मित सांकेतिक संपादकीय दृश्य है, खिलाड़ी की वास्तविक तस्वीर नहीं।



