शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
टेक्नोलॉजी

Ofcom ने TikTok की age-check व्यवस्था पर बाल सुरक्षा जांच शुरू की

ब्रिटेन के ऑनलाइन-सुरक्षा नियामक Ofcom ने TikTok पर बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाने की कानूनी जिम्मेदारियों को लेकर औपचारिक जांच खोली है।

TikTok की बाल-सुरक्षा जांच पर एक प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य: स्मार्टफोन, नियामकीय दस्तावेज और सुरक्षा प्रतीक।
यह Ofcom की TikTok child-safety investigation को दर्शाने वाला प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य है।

ब्रिटेन के मीडिया और ऑनलाइन-सुरक्षा नियामक Ofcom ने 16 जुलाई 2026 को TikTok Information Technologies UK Limited के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू की है। जांच का सवाल यह है कि क्या TikTok ने Online Safety Act 2023 की धारा 12 के तहत बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाने की अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया, या अभी भी नहीं कर रहा है।

Ofcom ने साफ किया है कि जांच खुलने का मतलब यह नहीं है कि TikTok दोषी पाया गया है। नियामक अब औपचारिक शक्तियों के जरिए सबूत जुटाएगा और जांचेगा कि TikTok की age assurance व्यवस्था, खासकर age inference तकनीक, बच्चों की पहचान करने में कानून के मानक पर खरी उतरती है या नहीं। Ofcom ने कहा है कि पहला चरण कम-से-कम तीन महीने ले सकता है और जांच पर अपडेट अक्टूबर 2026 में दिया जाएगा।

जांच का केंद्र क्या है?

Online Safety Act 2023 के तहत ऐसी user-to-user सेवाओं पर, जिन्हें बच्चे इस्तेमाल कर सकते हैं, यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को “primary priority” और अन्य हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए proportionate systems और processes लगाएं। इन जिम्मेदारियों में यह भी शामिल है कि जहां जरूरी हो, प्लेटफॉर्म अत्यधिक प्रभावी age assurance का इस्तेमाल करे ताकि यह सही-सही तय किया जा सके कि कोई यूजर बच्चा है या वयस्क। ये बाल-सुरक्षा दायित्व 25 जुलाई 2025 से लागू हैं।

Ofcom की चिंता यह है कि कुछ age inference मॉडल, जिनमें यूजर की गतिविधि और व्यवहार के आधार पर उम्र का अनुमान लगाया जाता है, बड़ी संख्या में बच्चों को सही पहचानने में चूक सकते हैं। नियामक ने अपने Age Assurance report और बच्चों के ऑनलाइन अनुभवों से जुड़े निष्कर्षों का हवाला देते हुए TikTok पर बच्चों के हानिकारक कंटेंट से सामना होने की आशंका जताई है।

कौन-सा कंटेंट जोखिम में गिना गया?

Ofcom के बाल-सुरक्षा ढांचे में बच्चों के लिए हानिकारक कंटेंट की कई श्रेणियां हैं। “Primary priority” श्रेणी में pornographic content और ऐसा कंटेंट शामिल है जो suicide, self-harm या eating disorders को बढ़ावा देता है, निर्देश देता है या प्रोत्साहित करता है। “Priority content” में bullying, abuse, hate, violent content, harmful substances और dangerous stunts या challenges जैसी श्रेणियां आती हैं।

इसलिए यह मामला केवल TikTok की moderation policy का नहीं है, बल्कि इस बात का भी है कि प्लेटफॉर्म बच्चे और वयस्क यूजर में फर्क कैसे करता है। यदि बच्चे की पहचान ही भरोसेमंद तरीके से नहीं हो रही, तो उसके लिए बनाए गए safety settings, content filters और age-appropriate experience भी कमजोर पड़ सकते हैं।

TikTok ने क्या कहा?

Reuters को दिए बयान में TikTok ने किसी उल्लंघन से इनकार किया। कंपनी ने कहा कि वह expert-informed platform rules और advanced age inference technologies के जरिए age-appropriate experiences लागू करती है और उसे भरोसा है कि वह Online Safety Act की जिम्मेदारियों को पूरा करती है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह Ofcom के साथ मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी।

Ofcom ने अपनी ओर से कहा है कि जिन social media कंपनियों ने बाल-सुरक्षा दायित्वों के लिए मुख्य रूप से age inference methods पर भरोसा किया है, उन्हें या तो guidance में बताए गए अत्यधिक प्रभावी तरीकों पर जाना चाहिए या फिर भरोसेमंद और ठोस सबूत से दिखाना होगा कि उनका मौजूदा तरीका उतना ही प्रभावी है।

दांव कितना बड़ा है?

यदि जांच में compliance failure साबित होता है, तो Ofcom £18 million या qualifying worldwide revenue के 10% तक, जो भी अधिक हो, जुर्माना लगा सकता है। गंभीर मामलों में वह अदालत से ऐसा आदेश भी मांग सकता है जिससे payment, advertising या internet service providers जैसे third parties को सेवा रोकने या ब्रिटेन में access बाधित करने के लिए कहा जा सके।

यह जांच ब्रिटेन में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ती सख्ती के बीच आई है। Ofcom ने 15 जुलाई 2026 को जारी अपडेट में कहा था कि age checks का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच बच्चों के सामने आने वाले “highly effective” age checks का अनुपात 25% से 43% हो गया। फिर भी नियामक ने कहा कि काम अधूरा है और social media कंपनियों की उम्र-जांच व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।

अगला अहम पड़ाव अक्टूबर 2026 होगा, जब Ofcom इस जांच पर अपडेट देगा और ब्रिटेन में 16 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स के लिए संभावित social media restrictions पर संसद की बहस के लिए age checks का तेज मूल्यांकन भी प्रस्तुत करेगा। तब तक यह मामला TikTok के साथ-साथ पूरे social media उद्योग के लिए संकेत है कि केवल उम्र का अनुमान लगाना अब पर्याप्त regulatory defence नहीं माना जा सकता।

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