ब्रिटेन में ईरान से जुड़े एक राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में 39 वर्षीय वाहिद अबेरी पर औपचारिक आरोप लगाया गया है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को सुबह 08:00 बजे बीएसटी जारी बयान में कहा कि लिवरपूल निवासी अबेरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 2023 की धारा 3(1) और 3(9) के तहत ‘विदेशी खुफिया सेवा’ की सहायता करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच जिस देश से संबंधित है, वह ईरान है।
यह अभी आरोप का मामला है; अदालत में दोष सिद्ध नहीं हुआ है। पुलिस ने बताया कि अबेरी को बुधवार, 15 जुलाई 2026 को बर्मिंघम क्षेत्र से काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग लंदन के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें वेस्ट मिडलैंड्स के एक पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बर्मिंघम तथा लिवरपूल क्षेत्रों में पतों पर तलाशी ली गई। आगे की पूछताछ के बाद क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने आरोपों को मंजूरी दी।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक, अबेरी को हिरासत में भेजा गया है और उन्हें शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट में पेश होना था। इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक अदालती कार्यवाही का कोई नया परिणाम उपलब्ध नहीं था।
पुलिस ने क्या पुष्टि की
- आरोपी: वाहिद अबेरी, उम्र 39 वर्ष, लिवरपूल निवासी।
- गिरफ्तारी: बुधवार, 15 जुलाई 2026, बर्मिंघम क्षेत्र में।
- आरोप: राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 2023 के तहत विदेशी खुफिया सेवा की सहायता करने का आरोप।
- जांच का देश-संबंध: मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि जांच ईरान से संबंधित है।
- तलाशी: बर्मिंघम और लिवरपूल क्षेत्रों में पतों पर खोजबीन की गई।
- अगला कदम: वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट में पेशी।
काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग लंदन की प्रमुख कमांडर हेलेन फ्लैनगन के बयान के अनुसार, ब्रिटेन में राष्ट्रीय सुरक्षा जांचों की गति हाल के वर्षों में लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अब जब व्यक्ति पर आरोप लग चुके हैं, पुलिस विस्तृत आरोपों पर टिप्पणी नहीं कर सकती। पुलिस ने यह भी कहा कि इस जांच से जनता, किसी समुदाय या किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष खतरा पहचाना नहीं गया है।
यह मामला क्यों अहम है
यह मामला ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन ईरान से जुड़े कथित राज्य-समर्थित खतरों और प्रॉक्सी गतिविधियों को लेकर पहले से सतर्क है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश सुरक्षा अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि ईरान ब्रिटेन में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए आपराधिक प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल करने की कोशिश करता रहा है। हाल के महीनों में ब्रिटेन-ईरान तनाव, ईरान से जुड़े कथित निगरानी मामलों और फारसी-भाषी मीडिया या समुदायों की सुरक्षा चिंता ने इस तरह की जांचों को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
13 जुलाई 2026 को ब्रिटेन की संसद में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 2023, जैसा कि राष्ट्रीय सुरक्षा (राज्य खतरे) कानून 2026 से संशोधित है, के तहत तीन संगठनों को नामित करने के लिए मसौदा नियम रखने की जानकारी दी थी। इनमें ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC), इस्लामिक मूवमेंट ऑफ कम्पेनियंस ऑफ द राइट और रूस से संबंधित GRU वालंटियर कोर शामिल थे। संसद में दिए गए बयान में कहा गया था कि ऐसे नामांकन से नामित निकाय को समर्थन, सहायता या भौतिक लाभ देने से जुड़े नए अपराध बनेंगे और कुछ मामलों में अधिकतम सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है।
अबेरी पर लगा आरोप सीधे उसी नामांकन आदेश के तहत नहीं बताया गया है; पुलिस ने स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 2023 की धारा 3 का हवाला दिया है। इसलिए इस मामले को व्यापक ब्रिटेन-ईरान सुरक्षा तनाव के संदर्भ में देखा जा सकता है, लेकिन अदालत में आरोपों की सीमा और साक्ष्य अलग से तय होंगे। ईरान क्षेत्रीय तनाव के बीच भी अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है; इस पृष्ठभूमि को समझने के लिए TNX की हालिया रिपोर्ट तेहरान और होर्मुज संकट भी संदर्भ देती है।
अब आगे क्या होगा
कानूनी प्रक्रिया में पहला महत्वपूर्ण चरण वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट की सुनवाई है। वहां अभियोजन पक्ष आरोपों का प्रारंभिक विवरण रखेगा और आगे की हिरासत, जमानत तथा मामले को उच्च अदालत में भेजने जैसी प्रक्रियाओं पर निर्णय हो सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कई बार साक्ष्य और प्रक्रियागत विवरण सार्वजनिक रूप से सीमित रहते हैं, इसलिए पुलिस और अभियोजन से आने वाली आधिकारिक सूचनाएं ही अगले चरण को स्पष्ट करेंगी।
फिलहाल पुष्ट तथ्य यही हैं कि अबेरी गिरफ्तार किए गए, उन पर औपचारिक आरोप लगाया गया, उन्हें हिरासत में रखा गया और पुलिस ने इस जांच को ईरान से संबंधित बताया है। अदालत में दोष सिद्ध होने तक उन्हें आरोपी के रूप में ही देखा जाएगा।



