नई दिल्ली/अहमदाबाद, 17 जुलाई 2026: गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। नई गिरफ्तारियां पाटन जिले से जुड़ी हैं। ATS का आरोप है कि नेटवर्क में शामिल कुछ लोग IED, टाइम-बम जैसे विस्फोटक तंत्र और JeM साहित्य के जरिए संगठन का स्थानीय आधार बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
अदालत ने पांचों आरोपियों को 24 जुलाई 2026 तक ATS हिरासत में भेजा है। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें मेहसाणा जिले के कडी कस्बे में न्यायिक मजिस्ट्रेट आर. एम. भाटिया के सामने पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने रिमांड मांगते हुए अदालत को बताया कि कथित तौर पर टाइम-बम बनाने की कोशिश, बम-निर्माण सामग्री की खरीद और JeM से जुड़े उर्दू साहित्य की बरामदगी जैसे पहलुओं की जांच बाकी है।
पांच नए आरोपी कौन हैं
नई गिरफ्तारी वाले आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कड़ीवाला, मोहम्मद अयूबभाई सुनसारा उर्फ मोहम्मद खली, शफी/शफिया रईस मुखी और मोहम्मद हसन हनीफभाई करडिया के रूप में दी गई है। आकाशवाणी के अनुसार, ये आरोपी पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खडियाल गांव से पकड़े गए।
हिंदुस्तान टाइम्स ने ATS के हवाले से बताया कि अलग-अलग टीमों ने गुजरात और राजस्थान पुलिस के समन्वय में संदिग्धों और गवाहों से पूछताछ के बाद पांचों को 15 जुलाई को गिरफ्तार किया। वहीं PTI/Rediff की रिपोर्ट में गिरफ्तारी गुरुवार, 16 जुलाई बताई गई है। इस अंतर को देखते हुए सबसे ठोस न्यायिक स्थिति यह है कि पांचों आरोपी अब 24 जुलाई तक ATS रिमांड पर हैं।
जांच में क्या बदला
इस मामले की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को दर्ज FIR से मानी जा रही है। ATS को कथित रूप से सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित संगठन JeM से जुड़े लोग गुजरात में नेटवर्क बनाकर युवाओं को प्रेरित करने और आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। 3 जुलाई को ATS ने गुजरात और मध्य प्रदेश में छापों के बाद आठ आरोपियों को पकड़ा था। वे पहले 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए थे।
नई गिरफ्तारियां उन्हीं आठ आरोपियों की पूछताछ और डिजिटल/स्थानीय सुरागों से जुड़ी बताई जा रही हैं। ATS का आरोप है कि कुछ आरोपी पाटन के खडियासन स्थित जामिया अबुल हसन मदरसा में रहते हुए IED और बम-डिटोनेशन मैकेनिज्म सीख रहे थे। एजेंसी के अनुसार 2023 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग जगहों और समय पर विस्फोट के कई तरीकों को आजमाने की कोशिश की गई। ये सभी आरोप जांच और अदालत में परीक्षण के अधीन हैं।
टाइम-बम और साहित्य से जुड़े आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि कथित बम-निर्माण सामग्री कहां से लाई गई, कहां छिपाई गई और JeM से जुड़ा साहित्य किन लोगों तक पहुंचा। PTI/Rediff की रिपोर्ट में लोक अभियोजक पी. आर. दंतानी के हवाले से कहा गया है कि एक आरोपी ने कथित तौर पर कच्चे टाइम-बम का परीक्षण करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रयोग सफल नहीं हुआ।
ATS ने यह भी आरोप लगाया है कि बिलाल शेरा ने पहले गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा को JeM संस्थापक मसूद अजहर के भाषणों, वीडियो और किताबों वाली पेन ड्राइव दी थी, जिसके बाद सामग्री को अलग-अलग जगहों से छापा गया। जांच में JeM का झंडा, मसूद अजहर की किताबें, उसके नाम एक छपा पत्र और 1.3 लाख रुपये नकद मिलने का दावा भी किया गया है। एजेंसी का संदेह है कि नकदी का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में होना था, लेकिन यह दावा अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा
अब ATS की प्राथमिकता पांचों आरोपियों से हिरासत में पूछताछ कर कथित विस्फोटक सामग्री, साहित्य, स्थानीय संपर्कों और संभावित वित्तीय रास्तों की पुष्टि करना है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि कथित मॉड्यूल केवल प्रचार और भर्ती तक सीमित था या इसमें वास्तविक हमले की तैयारी भी शामिल थी। चूंकि मामला UAPA और गंभीर आपराधिक आरोपों से जुड़ा है, आगे की कार्रवाई बरामदगी, फॉरेंसिक जांच, डिजिटल डिवाइस विश्लेषण और अदालत में पेश रिमांड रिपोर्टों पर निर्भर करेगी।



