शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
धर्म

सुप्रीम कोर्ट: ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ फिल्म 28 जुलाई से रिलीज हो सकेगी

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाईकोर्ट की अंतरिम रोक पूरी तरह हटाने से इनकार किया, लेकिन फिल्म को रथ यात्रा खत्म होने के बाद 28 जुलाई 2026 से रिलीज की अनुमति दे दी।

सुप्रीम कोर्ट, रथ यात्रा और सिनेमा को दर्शाता प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य
‘महाप्रभु जगन्नाथ’ फिल्म रिलीज विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दर्शाता प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य।

नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की तत्काल रिलीज की राह नहीं खोली, लेकिन ओडिशा हाईकोर्ट की अंतरिम रोक को सीमित करते हुए फिल्म को 28 जुलाई 2026 या उसके बाद देशभर में प्रदर्शित करने की अनुमति दे दी। अदालत ने माना कि पुरी में चल रही जगन्नाथ रथ यात्रा 27 जुलाई को समाप्त होगी, इसलिए धार्मिक उत्सव के दौरान रिलीज टालना इस चरण में संतुलित रास्ता है।

यह आदेश शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने दिया। पीठ ने ओडिशा हाईकोर्ट के 15 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश को संशोधित किया, जिसके तहत निर्माता कंपनी Ele Animations Pvt Ltd को 17 जुलाई को फिल्म रिलीज करने से रोका गया था और अगली सुनवाई 5 अगस्त 2026 तक या कोर्ट की अनुमति के बिना प्रदर्शन पर रोक लगाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह हाईकोर्ट की रोक को पूरी तरह रद्द नहीं किया, बल्कि उसकी अवधि घटा दी। इसका सीधा मतलब है कि फिल्म 17 जुलाई को रिलीज नहीं होगी, लेकिन रथ यात्रा के समापन के बाद 28 जुलाई से सिनेमाघरों में आ सकती है, बशर्ते किसी अन्य न्यायिक आदेश से नई बाधा न आए।

विवाद किस बात पर है?

विवाद फिल्म में भगवान जगन्नाथ के चित्रण को लेकर उठा। ओडिशा हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फिल्म में कुछ कथानक, संवाद, बचपन और युद्ध से जुड़े काल्पनिक प्रसंग स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण और पुरी श्रीमंदिर की परंपराओं से मेल नहीं खाते। ये आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के विषय हैं; इन्हें अदालत ने अंतिम तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया है।

हाईकोर्ट में याचिका Mahesh Kumar Sahu और अन्य की ओर से दायर की गई थी। याचिका में फिल्म के CBFC प्रमाणपत्र को रद्द करने और सार्वजनिक प्रदर्शन रोकने की मांग की गई थी। अदालत को बताया गया था कि फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग पुरी के गजपति महाराजा और Shree Jagannath Temple Administration के सामने हुई थी, जहां कुछ बदलाव सुझाए गए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि जरूरी बदलाव किए बिना फिल्म रिलीज के लिए तैयार की गई।

निर्माता पक्ष ने इन आरोपों का विरोध किया। उनकी दलील रही कि फिल्म एक काल्पनिक एनिमेटेड रचना है, इसमें डिस्क्लेमर है और इसे CBFC से प्रमाणन मिल चुका है। निर्माता ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला दिया और कहा कि अंतिम समय पर रोक से बड़े आर्थिक नुकसान होंगे। रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म की देशभर में 300 से अधिक स्क्रीन पर रिलीज की तैयारी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या बदला?

ओडिशा हाईकोर्ट का आदेश फिल्म को 17 जुलाई या उसके बाद कोर्ट की अनुमति के बिना रिलीज करने से रोकता था। सुप्रीम कोर्ट ने इस हिस्से को संशोधित करते हुए कहा कि रथ यात्रा 16 जुलाई से शुरू होकर 27 जुलाई तक चलनी है, इसलिए फिल्म को 28 जुलाई 2026 से प्रदर्शित किया जा सकता है।

अदालत ने फिलहाल यह तय नहीं किया कि फिल्म की सामग्री धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध है या नहीं। उसने तत्काल रिलीज की मांग और धार्मिक संवेदनशीलता की आपत्तियों के बीच समय-सीमा आधारित व्यवस्था बनाई। इसीलिए फैसला फिल्म पर स्थायी प्रतिबंध नहीं है, बल्कि रथ यात्रा की अवधि तक रिलीज रोकने की न्यायिक व्यवस्था है।

रथ यात्रा के बीच मामला संवेदनशील क्यों बना?

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से है। 2026 की रथ यात्रा 16 जुलाई को शुरू हुई और 27 जुलाई तक चलेगी। इस अवधि में लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। TNX ने इससे पहले पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 की परंपरा, मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

हाईकोर्ट ने भी अपने अंतरिम आदेश में रिलीज के समय को महत्वपूर्ण माना था। उसका आकलन था कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवादित आरोपों की विस्तृत जांच से पहले, यात्रा के दौरान फिल्म का प्रदर्शन सार्वजनिक शांति के लिए संवेदनशील हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी संदर्भ में तत्काल रिलीज की मांग स्वीकार नहीं की, लेकिन 5 अगस्त तक लंबी रोक को भी घटा दिया।

अब आगे क्या होगा?

  • फिल्म 28 जुलाई 2026 या उसके बाद रिलीज हो सकेगी।
  • ओडिशा हाईकोर्ट में मूल जनहित याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी।
  • हाईकोर्ट फिल्म की सामग्री, CBFC प्रमाणपत्र और याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर आगे विचार कर सकता है।
  • निर्माता पक्ष को रिलीज से पहले व्यावसायिक और कानूनी तैयारी नए आदेश के अनुसार समायोजित करनी होगी।

फिलहाल पुष्टि यही है कि सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पर पूर्ण या अनिश्चितकालीन रोक नहीं लगाई है। अदालत ने केवल रथ यात्रा की समाप्ति तक रिलीज रोकने की व्यवस्था कायम रखी और उसके बाद प्रदर्शन की अनुमति दे दी है।

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