गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
शिक्षा

अमेरिका में छात्र वीज़ा पर चार साल की सीमा, विदेशी पत्रकारों के नियम भी कड़े

DHS के नए अंतिम नियम से F और J श्रेणी के छात्रों व एक्सचेंज विजिटर्स के लिए तय अवधि लागू होगी। I वीज़ा वाले विदेशी पत्रकारों पर भी नई समय-सीमा लगेगी।

अमेरिकी विश्वविद्यालय के बाहर अंतरराष्ट्रीय छात्रों और पासपोर्ट का प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य।
अमेरिका के नए वीज़ा नियमों पर प्रतिनिधि संपादकीय दृश्य; यह वास्तविक घटना की फोटो नहीं है।

वॉशिंगटन, 16 जुलाई 2026: राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने विदेशी छात्रों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के प्रतिभागियों और विदेशी पत्रकारों के अमेरिका में ठहरने की अवधि पर नया प्रतिबंध लगाने वाला अंतिम नियम जारी किया है। Department of Homeland Security (DHS) के इस नियम के तहत F श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय छात्र और J श्रेणी के एक्सचेंज विजिटर्स अब सामान्य तौर पर अधिकतम चार साल तक ही अधिकृत रह सकेंगे, जब तक वे संघीय सरकार से विस्तार की मंजूरी न लें।

यह बदलाव लंबे समय से चली आ रही duration of status व्यवस्था को खत्म करता है। मौजूदा व्यवस्था में छात्र या एक्सचेंज विजिटर अपने स्वीकृत शैक्षणिक या कार्यक्रम उद्देश्य को पूरा करने तक अमेरिका में रह सकते थे, बशर्ते वे नियमों का पालन कर रहे हों। नए ढांचे में उनके प्रवेश रिकॉर्ड पर निश्चित अंतिम तारीख होगी और अधिक समय की जरूरत पड़ने पर उन्हें DHS/USCIS से विस्तार मांगना होगा या फिर यात्रा कर दोबारा प्रवेश लेना होगा।

American Immigration Lawyers Association के अनुसार DHS का अंतिम नियम 17 जुलाई 2026 को Federal Register में प्रकाशित होना है। Reuters ने नियम के प्रभावी होने की तारीख प्रकाशन के 60 दिन बाद बताई है, जो कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया के अधीन होगी। इसका मतलब है कि अगर प्रकाशन तय तारीख पर होता है तो असर सितंबर 2026 के मध्य से शुरू होगा।

क्या बदला

  • F वीज़ा: अकादमिक छात्रों के लिए अधिकृत ठहराव की अवधि चार साल से अधिक नहीं होगी, जब तक विस्तार मंजूर न हो।
  • J वीज़ा: एक्सचेंज विजिटर्स पर भी अधिकतम चार साल की सीमा लागू होगी।
  • I वीज़ा: विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए अवधि सामान्य तौर पर 240 दिन तक होगी; Reuters के अनुसार चीनी नागरिकों के लिए यह 90 दिन होगी।
  • ग्रेस पीरियड: पढ़ाई या ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अमेरिका छोड़ने की अवधि 60 दिन से घटाकर 30 दिन की जा रही है।
  • शैक्षणिक बदलाव: नियम छात्रों के मेजर, कार्यक्रम, शैक्षणिक लक्ष्य या संस्थान बदलने पर नई पाबंदियां लगाता है, खासकर स्नातकोत्तर स्तर पर।

सरकार की दलील

DHS ने नियम को निगरानी और अनुपालन से जोड़ा है। एजेंसी का कहना है कि बिना तय अंतिम तारीख वाली व्यवस्था से अधिकारियों के लिए यह आकलन कठिन हो जाता है कि छात्र, एक्सचेंज विजिटर और मीडिया प्रतिनिधि अपनी स्थिति बनाए हुए हैं या नहीं। Reuters के अनुसार DHS ने 2024 में 18 लाख से अधिक छात्र वीज़ा प्रवेशों का हवाला दिया, जो पिछले वर्ष से 11 प्रतिशत से अधिक वृद्धि थी। उसी वित्त वर्ष में अमेरिका ने 5 लाख से अधिक एक्सचेंज विजिटर्स और 37,300 मीडिया प्रतिनिधियों को वीज़ा दिया।

नियम का व्यावहारिक असर वीज़ा स्टिकर की अवधि से अधिक अमेरिका में अधिकृत ठहराव पर पड़ेगा। यानी किसी व्यक्ति के पास वैध वीज़ा होने के बावजूद, उसके I-94 या प्रवेश रिकॉर्ड की तय अवधि खत्म होने पर आगे रहने के लिए अलग से मंजूरी जरूरी हो सकती है।

छात्रों और विश्वविद्यालयों पर असर

अमेरिकी उच्च शिक्षा संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा समूहों ने इस कदम का विरोध किया है। NAFSA: Association of International Educators ने कहा कि DHS ने 16 जुलाई 2026 को अंतिम नियम की सार्वजनिक निरीक्षण प्रति जारी की और यह नियम छात्रों व एक्सचेंज विजिटर्स की शैक्षणिक गतिशीलता पर नए प्रतिबंध लगाता है। संगठन का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र पहले से SEVIS और विश्वविद्यालयों के जरिए कड़ी निगरानी में रहते हैं।

भारतीय पाठकों के लिए यह फैसला खास अहम है। Institute of International Education के Open Doors 2025 आंकड़ों के अनुसार 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में 3,63,019 भारतीय छात्र थे और भारत अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत रहा। ऐसे छात्रों में बड़ी संख्या स्नातकोत्तर कार्यक्रमों और Optional Practical Training (OPT) से जुड़ी होती है, जहां चार साल की सीमा और 30 दिन का नया प्रस्थान समय करियर योजना, इंटर्नशिप, रिसर्च और रोजगार-आधारित संक्रमण को प्रभावित कर सकता है।

कई PhD, शोध और पेशेवर डिग्री कार्यक्रम चार साल से लंबे हो सकते हैं। नए नियम में विस्तार का रास्ता रहेगा, लेकिन वह स्वतः नहीं होगा। इससे छात्रों को आवेदन, बायोमेट्रिक प्रक्रिया, मंजूरी में देरी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है। विश्वविद्यालयों के अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालयों पर भी सलाह, रिकॉर्ड और अनुपालन का बोझ बढ़ेगा।

आगे क्या होगा

नियम Federal Register में प्रकाशित होने के बाद 60 दिन की समय-सीमा पूरी करेगा। इस बीच विश्वविद्यालय, इमिग्रेशन वकील और छात्र यह देखेंगे कि अंतिम नियामकीय पाठ मौजूदा छात्रों, नए प्रवेश लेने वालों, OPT आवेदकों और पत्रकारों के नवीनीकरण पर कैसे लागू होता है। कानूनी चुनौती की संभावना भी बनी हुई है, क्योंकि शिक्षा और इमिग्रेशन संगठनों ने इसे अनावश्यक प्रशासनिक बोझ और अमेरिका की वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धा के लिए नुकसानदेह बताया है।

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